Bazm-e-khayal
दश्ते दिल* में खोए हुए खयालों को
आज कहने को कोई *सुखनवर नहीं मिलता
ये मशीनो का शहर है, यहां ढूंढे से
दस्तकारों* को खरीदार अब नहीं मिलता
* Forest of the heart, *Poet,* Handicraft workers
क्यूं करूं हिज्र में गुजर यारों
क्यूं मेरे मुल्क में रोजगार नहीं मिलता
किसके हक में करूं ये बज्मे- खयाल
ऐसी दौलत का कोई दावेदार नहीं मिलता
यकीन ज़ुबां का करूं ,या आंख की मानूं
एक इल्जाम है, मगर वाकया* नहीं मिलता
* Vaqiya: sequence of events
सुर्ख दिखता है सरे शाम उफक़* का पैरहन
कौन कहता है जमीन से आसमान नहीं मिलता
*Horizon
लौट कर चल कि मां अकेली है
बूढ़ी आंखों को तेरा रास्ता नहीं मिलता
वो जो मिलते है गुज़रे बचपन में
फेसबुक पर कोई दोस्त ,यार नहीं मिलता
दश्ते दिल* में खोए हुए खयालों को
आज कहने को कोई *सुखनवर नहीं मिलता
ये मशीनो का शहर है, यहां ढूंढे से
दस्तकारों* को खरीदार अब नहीं मिलता
* Forest of the heart, *Poet,* Handicraft workers
क्यूं करूं हिज्र में गुजर यारों
क्यूं मेरे मुल्क में रोजगार नहीं मिलता
किसके हक में करूं ये बज्मे- खयाल
ऐसी दौलत का कोई दावेदार नहीं मिलता
यकीन ज़ुबां का करूं ,या आंख की मानूं
एक इल्जाम है, मगर वाकया* नहीं मिलता
* Vaqiya: sequence of events
सुर्ख दिखता है सरे शाम उफक़* का पैरहन
कौन कहता है जमीन से आसमान नहीं मिलता
*Horizon
लौट कर चल कि मां अकेली है
बूढ़ी आंखों को तेरा रास्ता नहीं मिलता
वो जो मिलते है गुज़रे बचपन में
फेसबुक पर कोई दोस्त ,यार नहीं मिलता
Comments
Post a Comment