Skip to main content

Posts

Showing posts from February, 2020

Chand khayal

Bazm-e-khayal दश्ते दिल* में खोए हुए खयालों को आज कहने को कोई *सुखनवर नहीं मिलता  ये मशीनो का शहर है, यहां ढूंढे से  दस्तकारों* को खरीदार अब नहीं मिलता * Forest of the heart, *Poet,* Handicraft workers  क्यूं करूं हिज्र में गुजर यारों क्यूं मेरे मुल्क में रोजगार नहीं मिलता  किसके हक में करूं ये बज्मे- खयाल ऐसी दौलत का कोई दावेदार नहीं मिलता यकीन ज़ुबां का करूं ,या आंख की मानूं एक इल्जाम है, मगर वाकया* नहीं मिलता * Vaqiya: sequence of events सुर्ख दिखता है सरे शाम उफक़* का पैरहन कौन कहता है जमीन से आसमान नहीं मिलता *Horizon लौट कर चल कि मां अकेली है बूढ़ी आंखों को तेरा रास्ता नहीं मिलता वो जो मिलते है गुज़रे बचपन में फेसबुक पर कोई दोस्त ,यार नहीं मिलता